Call Us 24/7

वज़ू करने का मुकम्मल और सही तरीका (Wazu Karne Ka Tarika)

यह रहा वज़ू करने के सही और सुन्नत तरीके पर एक विस्तृत ब्लॉग पोस्ट:


वज़ू करने का मुकम्मल और सही तरीका (Wazu Karne Ka Tarika)

इस्लाम में नमाज़ और इबादत के लिए पाकीज़गी (सफ़ाई) पहली शर्त है। अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फरमाया है कि "सफ़ाई ईमान का आधा हिस्सा है।" नमाज़ शुरू करने से पहले खुद को पाक करने की इसी प्रक्रिया को वज़ू कहा जाता है।

अगर आप नए हैं या वज़ू के सही सुन्नत तरीके को दोहराना चाहते हैं, तो यह गाइड आपके काम आएगी।


वज़ू शुरू करने से पहले की तैयारी

वज़ू शुरू करने से पहले अपने मन में नियत करें कि आप अल्लाह की इबादत और पाकीज़गी के लिए वज़ू कर रहे हैं। फिर बिस्मिल्लाह पढ़ें:

"बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम" (अल्लाह के नाम से शुरू जो बड़ा मेहरबान और निहायत रहम वाला है)।


वज़ू के स्टेप-बाय-स्टेप चरण (सुन्नत के मुताबिक)

  1. हाथ धोना: सबसे पहले अपने दोनों हाथों को कलाई तक तीन बार धोएं। उंगलियों के बीच में भी पानी पहुँचाएं (खिलाल करें)।

  2. कुल्ली करना: दाहिने हाथ में पानी लेकर तीन बार कुल्ली करें और मुँह को अच्छी तरह साफ़ करें।

  3. नाक में पानी डालना: तीन बार नाक में पानी डालें और बाएं हाथ की छोटी उंगली से नाक साफ़ करें।

  4. चेहरा धोना: माथे के बालों से लेकर ठोड़ी (chin) के नीचे तक और एक कान की लौ से दूसरे कान की लौ तक पूरा चेहरा तीन बार धोएं।

  5. हाथ धोना (कोहनियों तक): पहले दाहिना हाथ कोहनी समेत तीन बार धोएं, फिर बायां हाथ कोहनी समेत तीन बार धोएं।

  6. मसाह करना (सिर का मसाह): अपने हाथों को गीला करें और पूरे सिर पर एक बार फेरें। फिर कानों के अंदरूनी हिस्से और पीछे की तरफ उंगलियां फेरें।

  7. पैर धोना: सबसे पहले दाहिना पैर टखनों (ankles) समेत तीन बार धोएं, फिर बायां पैर। उंगलियों के बीच भी पानी पहुँचाना न भूलें।


वज़ू के 4 फ़र्ज़ (Zaroori Arkan)

अगर इनमें से एक भी चीज़ छूट जाए, तो वज़ू नहीं होता:

  • पूरा चेहरा धोना।

  • दोनों हाथों को कोहनियों समेत धोना।

  • सर का चौथाई (1/4) हिस्सा मसाह करना।

  • दोनों पैरों को टखनों समेत धोना।


वज़ू के बाद की दुआ

वज़ू मुकम्मल करने के बाद आसमान की तरफ देखते हुए कलमा-ए-शहादत पढ़ना बहुत फजीलत रखता है:

"अश्हदु अन ला इलाहा इल्लल्लाहु वहदहु ला शरीक लहू व अश्हदु अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलुहू।"

तर्जुमा: मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है उसका कोई शरीक नहीं, और मैं गवाही देता हूँ कि मुहम्मद (सल्ल.) उसके बंदे और रसूल हैं।


कुछ ज़रूरी बातें (Tips)

  • पानी बर्बाद न करें: वज़ू करते समय ज़रूरत से ज़्यादा पानी न बहाएं।

  • तरतीब का ख्याल रखें: जिस क्रम (order) में बताया गया है, उसी तरह वज़ू करना सुन्नत है।

  • खामोशी: वज़ू के दौरान दुनियावी बातें करने से बचना चाहिए।

उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए मददगार साबित होगी। अल्लाह हम सबको सही तरीके से इबादत करने की तौफीक दे। आमीन!


क्या आप चाहते हैं कि मैं उन चीज़ों की लिस्ट बनाऊँ जिनसे वज़ू टूट जाता है?